आखिर मौत से इतना क्यों डरते हैं इंसान
इस दुनिया में वे ही लोग है मृत्यु से डरते है जो स्वयं को नहीं जानते है और अपने वास्तविक स्वरूप को नहीं पहचानते है | अज्ञानता ही सभी दुखो की जड़ है | अपने मूल अस्तित्व और विश्व –…
इस दुनिया में वे ही लोग है मृत्यु से डरते है जो स्वयं को नहीं जानते है और अपने वास्तविक स्वरूप को नहीं पहचानते है | अज्ञानता ही सभी दुखो की जड़ है | अपने मूल अस्तित्व और विश्व –…
पवित्र विचार एक वाणी है | मनुष्य अपनी ही विचार पध्दति के कारण है अपना स्वभाव और अपनी परिस्थति स्वंय करनेवाला होता है | प्रत्येक घातक विचार अपना भयंकर शत्रु है | विचार जीवित पदार्थ है | हम समाप्त हो…
मनुष्य को सबसे समान रूप से प्रेम क्यों करना चाहिए ? प्रत्येक मनुष्य के असंख्य और विविध जन्मो में कभी न कभी अन्य प्रत्येक जीव् किसी न किसी रूप में उसे प्रिय रहा है इस विश्व की सारी वस्तुए प्रभु…