सूर्य नमस्कार के लाभ | Surya Namaskar Benefits
सूर्य नमस्कार को योगासनों में सबसे अच्छा कहा गया है , यह अकेला अभ्यास ही साधक को सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुँचाने में समर्थ है | इसके अभ्यास से शरीर में आरोग्य ,शक्ति व् ऊर्जा की प्राप्ति होती है…
सूर्य नमस्कार को योगासनों में सबसे अच्छा कहा गया है , यह अकेला अभ्यास ही साधक को सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुँचाने में समर्थ है | इसके अभ्यास से शरीर में आरोग्य ,शक्ति व् ऊर्जा की प्राप्ति होती है…
तप का अर्थ है तपना ,प्रयास करना,मेहनत करना मिट्ठी ने मटके से पूछा , में भी मिट्ठी और तू भी मिट्ठी , परन्तु पानी बहा ले जाता है और तू पानी को अपने में समा लेता है तेरे अंदर दिनों…
करवा चौथ सभी विवाहित महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है यह एक दिन का त्योहार है जो विशेषकर उत्तर भारत में हिंदू महिलाओं द्वारा हर साल मनाया जाता है। महिलाये अपने पति की सुरक्षा और लंबे जीवन के लिए पानी…
गांधी जयंती देश के पिता (महात्मा गांधी, जिसे बापू भी कहते हैं) का जन्मदिन है। गांधी जयंती हर वर्ष 2 अक्टूबर को पूरे भारत में एक राष्ट्रीय आयोजन के रूप में मनाया जाता है। यह स्कूलों, कॉलेजों, शैक्षिक संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, समुदायों,…
समय बड़ा बलवान निबंध ( HINDI ) कभी बसंत में फूल खिल जाते है , कभी पतझड़ में फूल खिल जाते है सब समय की बात है ,…
एकता की अद्भुत शक्ति अर्थवेद में कहा गया है – “ कृते में दक्षिणो हस्ते , जयो में सव्य आहित:” अथार्थ मेरे दाहिने हाथ में कर्म है और मेरे बांये हाथ में सफलता रखी हुई है | यहाँ हमारा…
खुशदिल लोग ज्यादा सफल होते है | कामयाबी की राह एक दार्शनिक किसी काम से बाहर जा रहे थे | रस्ते में टेक्सी वाले को बुझा –सा चेहरा देखकर पूछा , क्यों भाई बीमार हो ? यह सुनकर…
इस दुनिया में वे ही लोग है मृत्यु से डरते है जो स्वयं को नहीं जानते है और अपने वास्तविक स्वरूप को नहीं पहचानते है | अज्ञानता ही सभी दुखो की जड़ है | अपने मूल अस्तित्व और विश्व –…
पवित्र विचार एक वाणी है | मनुष्य अपनी ही विचार पध्दति के कारण है अपना स्वभाव और अपनी परिस्थति स्वंय करनेवाला होता है | प्रत्येक घातक विचार अपना भयंकर शत्रु है | विचार जीवित पदार्थ है | हम समाप्त हो…
मनुष्य को सबसे समान रूप से प्रेम क्यों करना चाहिए ? प्रत्येक मनुष्य के असंख्य और विविध जन्मो में कभी न कभी अन्य प्रत्येक जीव् किसी न किसी रूप में उसे प्रिय रहा है इस विश्व की सारी वस्तुए प्रभु…